Jul 09,2026
Yogini Ekadashi Ka Mahatva: पंचांग के अनुसार यह व्रत प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन्हें कुष्ठ या कोढ़ रोग से मुक्ति मिलती है. साथ ही उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. यह भी कहा जाता है कि योगिनी एकादशी व्रत करने वाले लोगों को मृत्यु के बाद भगवान विष्णु के चरणों में जगह प्राप्त होती है. व्रत और पूजा के अलावा योगिनी एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जातकों के जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पूरे साल में 24 और हर महीने 2 एकादशी पड़ती हैं. आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस एकादशी व्रत का पुण्य 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर माना गया है. ...तो आइए ऐसे में ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि योगिनी एकादशी का क्या महत्व है ?...