Feb 04,2026
Shankh ka dharmik mahatva: सनातन धर्म में किसी भी पूजा या धार्मिक कार्य की शुरुआत बिना शंख के नहीं की जाती है. शंख के इस्तेमाल किए जाने के कई कारण हैं. प्राचीन समय में शंख का नाद ना केवल धार्मिक कार्यों में किया जाता था बल्कि युद्ध क्षेत्र में भी किया जाता था. धार्मिक कार्यों में शंख जहाँ सुख, समृद्धि के लिए बजाया जाता था, वहीं युद्ध में शंख विजय का प्रतीक होने के साथ-साथ दुश्मनों को भयभीत करने और चेतावनी देने का माध्यम भी होता था. पूजा-पाठ में शंख बजाने का चलन युगों-युगों से चला आ रहा है. देश के कई भागों में लोग शंख को पूजाघर में रखते हैं और इसे नियमित रूप से बजाते हैं. ऐसे में यह उत्सुकता एकदम स्वाभाविक है कि शंख केवल पूजा-अर्चना में ही उपयोगी है या इसका सीधे तौर पर कुछ लाभ भी है....तो आइए ज्योतिर्विद शैलेंद्र पांडेय जी से जानते हैं कि, कौन-सा शंख धन का वरदान देता है ? और शंख के फायदे क्या हैं ?...